अध्याय 37

समर की नज़र से

मैं हैरिसन का चेहरा दिमाग से निकाल ही नहीं पा रही थी। जिस तरह उसने कीरन को ऐसे देखा था, जैसे वह कोई गंदगी हो जिसे रसोई के फर्श से रगड़-रगड़कर साफ़ करना पड़े। जिस तरह उसने “बेचारा स्कॉलरशिप वाला बच्चा” कहा था, जैसे वह कोई बीमारी हो—जैसे गरीबी कोई छूत की चीज़ हो।

कल मैं कैफ़ेटेर...

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